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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उलà¥à¤Ÿà¥€ होने के कारण (Causes of the Child Vomiting)
आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‡ अगर उलà¥à¤Ÿà¥€ करते हैं तो इसका मतलब ये माना जाता है कि उनके पाचन तंतà¥à¤° में कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ पदारà¥à¤¥ है जो नà¥à¤•सान देह है और उससे छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलती है। लेकिन इसके साथ ही हमें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिठकि अगर बचà¥à¤šà¤¾ लगातार उलà¥à¤Ÿà¥€ कर रहा है तो इसके कई कारण हो सकते हैं।
दूध का फटना- कई बार होता ये है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠके पेट में दूध की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक हो जाती है। इस कारण से à¤à¥€ शिशॠको उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है।
पेट में संकà¥à¤°à¤®à¤£- पेट में फà¥à¤²à¥‚ या अनà¥à¤¯ किसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¥€ कर सकता है।
दसà¥à¤¤- बचà¥à¤šà¥‡ दसà¥à¤¤ की वजह से à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ कई बार उलà¥à¤Ÿà¥€ करते हैं।
खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€- कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है। जैसे कि अंडे, मूंगफलि, सेलफीश, गेहूं, दूध à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯à¥¤ ये आपको धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को किन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को खाने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ या पेट में दरà¥à¤¦ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती हैं।
तनाव- जब बचà¥à¤šà¥‡ के ऊपर किसी तरह का मानसिक दबाव या तनाव होता है तो à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ उलà¥à¤Ÿà¥€ कर सकते हैं।
विषाकà¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ (Food Poisoning)- उलà¥à¤Ÿà¥€ होने की सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ वजह फूड पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤œà¤¨à¤¿à¤‚ग हो सकती है। विषाकà¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ की वजह से बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ के अलावा पेट से संबंधित अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे की दरà¥à¤¦ व मितली à¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ बनी रहती है।
कबà¥à¤œ- कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ व à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की वजह से à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है।
कान में इनफेकà¥à¤¶à¤¨, सूअर फà¥à¤²à¥‚, मौसम में बदलाव और बà¥à¤–ार जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के चलते à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है।
कà¥à¤› दवाओं के साइड इफेकà¥à¤Ÿ के चलते à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of Vomiting)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उलà¥à¤Ÿà¥€ होने से पहले या बाद में इस तरह के लकà¥à¤·à¤£ नजर आ सकते हैं।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ यानि निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण- उलà¥à¤Ÿà¥€ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ की वजह से बचà¥à¤šà¥‡ को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ सकता है।
जी मिचलाना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रंग में बदलाव आना
चकà¥à¤•र आना, दिल तेजी से धड़कना
सिरदरà¥à¤¦ के अलावा à¤à¥‚ख कम लगना
पेट में दरà¥à¤¦ होना
नींद आना, दसà¥à¤¤ के साथ बà¥à¤–ार
मà¥à¤‚ह का सà¥à¤– जाना
बचà¥à¤šà¥‡ का तेजी के साथ सांस लेना
पेशाब कम होना
आंखों का धंस जाना
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ का इलाज (Treatment)
बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ से राहत दिलाने के लिठआप कà¥à¤› घरेलू उपायों या नà¥à¤¸à¥à¤–ों को à¤à¥€ आजमा सकती हैं।
गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में कई बार गरà¥à¤®à¥€ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के चलते à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको पानी में थोड़ा सा नमक और नींबू का रस निचोड़ कर बचà¥à¤šà¥‡ को पिलाना चाहिà¤à¥¤ दिन में 2 से 3 बार आप इस घोल को पिला सकती हैं।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का रस निकालकर बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में 2 से 3 बार पिलाने से à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ पर नियंतà¥à¤°à¤£ हो जाता है।
अदरक वाली चाय पीने से à¤à¥€ जी मिचलाने की समसà¥à¤¯à¤¾ बंद हो जाती है। अदरक का सेवन करने से आपके बचà¥à¤šà¥‡ की पाचन तंतà¥à¤° à¤à¥€ मजबूत होती है।
अनार के रस में 2 से 3 बूंद नीबूं का रस मिलाकर पीने से उलà¥à¤Ÿà¥€ ततà¥à¤•ाल बंद हो जाती है। अधिक फायदा पाने के लिठआप चाहें तो इसमें थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में शहद मिला सकती हैं।
चावल का पानी जिसे मांड़ के नाम से à¤à¥€ जानते हैं उसको à¤à¥€ आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को पिलाà¤à¤‚। दिन में 2 बार चावल का मांड़ पीने से बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में सà¥à¤«à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ आ जाà¤à¤—ी और उलà¥à¤Ÿà¥€ होना à¤à¥€ बंद हो जाà¤à¤—ी।
आपके और हमारे घर में इलायची तो जरूर होता है। इलायची के बीज को निकाल लें और उसको तवे पर à¤à¥‚न लें। इसके बाद à¤à¥‚ने हà¥à¤ इलायची के दानों का चूरà¥à¤£ बना लें। अब इस चूरà¥à¤£ में हलà¥à¤•ी मातà¥à¤°à¤¾ में शहद मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को पिला दें। इससे à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बंद हो जाà¤à¤‚गी।
धनिया, सौंफ, जीरा, इलायची और पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ को मिलाकर साफ पानी में à¤à¤¿à¤‚गों दें। कà¥à¤› देर बाद जब ये सारे पानी में अचà¥à¤›à¥‡ से फूल जाà¤à¤‚ तब इनको पानी में ही मसल दें। अब इसके बाद पानी को छान लें और दिन में 4 से 5 बार बचà¥à¤šà¥‹ को पीने के लिठदें। आपको तà¥à¤°à¤‚त राहत देखने को मिलेगा।
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